देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर हो गई। लंबे शीतकालीन अवकाश के बाद गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
निर्धारित मुहूर्त के अनुसार गंगोत्री मंदिर के कपाट दोपहर 12:15 बजे और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 12:35 बजे खोले गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच यह प्रक्रिया पूरी हुई, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
परंपरा के अनुसार, दोनों धामों में पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से की गई। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami गंगोत्री धाम में मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और राज्य की समृद्धि तथा सुख-शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने बताया कि यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूत किया गया है। जगह-जगह मेडिकल कैंप और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार ने इस बार विशेष रूप से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान प्लास्टिक का उपयोग कम करें और साफ-सफाई बनाए रखें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
चारधाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे प्रमुख धाम शामिल हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रा के पहले दिन से ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मार्गों की निगरानी लगातार की जा रही है। मौसम की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।














