April 29, 2026

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फाल्टा में ईवीएम विवाद से बढ़ा सियासी तनाव, निष्पक्ष मतदान पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान ईवीएम को लेकर सामने आए आरोपों ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस सीट को पहले ही संवेदनशील माना जा रहा था, लेकिन मतदान के दिन सामने आई शिकायतों ने इसे राज्य की प्रमुख चुनावी चर्चाओं में शामिल कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार Debangshu Panda ने आरोप लगाया है कि कई बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) सही ढंग से काम नहीं कर रही थी। उनका दावा है कि मशीन में उनके नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़ा बटन काम नहीं कर रहा था, जिससे मतदाताओं को उनके पक्ष में वोट डालने में परेशानी हुई। उन्होंने इसे एक सुनियोजित प्रयास बताया और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

इन आरोपों के बाद भाजपा ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि मशीनों में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान कराया जाना चाहिए। भाजपा नेताओं के अनुसार, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और इस मामले में पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।

वहीं, All India Trinamool Congress ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रही है और भाजपा हार के डर से इस तरह के आरोप लगा रही है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से चुनावी माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।

फाल्टा सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह Abhishek Banerjee के प्रभाव वाले क्षेत्र में आती है। इस कारण यहां हर छोटी घटना भी बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लेती है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में प्रशासन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की खबरें सामने आ चुकी हैं।

मतदान के दिन सामने आए इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिन बूथों से शिकायतें मिली हैं, वहां तकनीकी टीम भेजी गई है और मशीनों की जांच की जा रही है। यदि किसी प्रकार की खराबी या गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईवीएम में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था होती है, जिससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना बेहद कम रहती है। इसके बावजूद, आयोग हर शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है ताकि मतदाताओं का विश्वास बना रहे।

स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करें और किसी भी अफवाह से बचें।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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