राजधानी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में एक दर्दनाक घटना ने सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के वार्ड में भर्ती एक 42 वर्षीय मरीज के बेड पर अचानक सीलिंग फैन गिर गया। घटना के कुछ घंटों बाद मरीज की मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौत फैन गिरने से नहीं, बल्कि मरीज की पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों के कारण हुई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वार्ड में अचानक गिरा सीलिंग फैन
जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे GTB अस्पताल के वार्ड-27 में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मरीज अपने बेड पर इलाज करा रहा था, तभी छत से सीलिंग फैन टूटकर सीधे उसके बेड पर गिर पड़ा।
घटना के तुरंत बाद अस्पताल का मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंचा और मरीज का इलाज शुरू किया। इसके बावजूद कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के परिवार का आरोप है कि अस्पताल की खराब रखरखाव व्यवस्था इस हादसे की बड़ी वजह है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में समय पर मरम्मत और सुरक्षा जांच होती, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।
परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने लगाए लापरवाही के आरोप
घटना के समय वार्ड में मौजूद कुछ लोगों ने दावा किया कि फैन सीधे मरीज के ऊपर गिरा था। उनका कहना है कि वार्ड के कई एयर कंडीशनर लंबे समय से खराब थे, जिसके कारण मरीजों को केवल सीलिंग फैन के सहारे रहना पड़ रहा था।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद चिकित्सा सहायता पहुंचने में देरी हुई। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल ने क्या कहा?
GTB अस्पताल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मरीज को पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के साथ भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अनुसार वह अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक या एन्सेफैलोपैथी, एस्पिरेशन निमोनिया और श्वसन विफलता जैसी जटिल बीमारियों से पीड़ित था।
अस्पताल का कहना है कि फैन गिरने के तुरंत बाद मरीज की चिकित्सकीय जांच की गई और उसके शरीर पर किसी गंभीर बाहरी चोट के संकेत नहीं मिले। अस्पताल ने दावा किया कि मृत्यु का कारण उसकी पहले से मौजूद चिकित्सीय स्थिति थी, न कि फैन गिरने की घटना।
तकनीकी जांच में क्या मिला?
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सीलिंग फैन का शाफ्ट टूट जाने के कारण वह नीचे गिरा।
अस्पताल ने इसे असामान्य तकनीकी खराबी बताते हुए कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में समय-समय पर उपकरणों और भवनों की सुरक्षा जांच होना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि अस्पतालों में केवल बेहतर इलाज ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।














