आंध्र प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता थम्मिनेनी सीताराम और उनके परिवार का नाम कथित भूमि धोखाधड़ी मामले में सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामला करोड़ों रुपये मूल्य की एक जमीन के कथित फर्जी हस्तांतरण से जुड़ा है, जिसमें नकली दस्तावेज तैयार कर स्वामित्व बदलने का आरोप लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, श्रीकाकुलम जिले के चापुरम ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित लगभग 900 वर्ग गज के एक भूखंड को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अपने नाम कराने की साजिश रची गई। जांच में सामने आया है कि कथित आरोपियों ने जमीन के मूल मालिक की फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, कथित कानूनी वारिस प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर स्वामित्व बदलने की कोशिश की।
13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें पूर्व स्पीकर थम्मिनेनी सीताराम के परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल हैं। अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
बेटे के नाम पर दर्ज हुई जमीन का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित फर्जी दस्तावेजों की मदद से जमीन का पंजीकरण थम्मिनेनी सीताराम के बेटे के नाम कराया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दस्तावेज तैयार करने, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने क्या कहा?
श्रीकाकुलम पुलिस का कहना है कि मामले में सभी उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे कथित षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने के लिए राजस्व और पंजीकरण से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
अभी जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी
यह मामला अभी जांच के चरण में है और किसी भी आरोपी के खिलाफ अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














