590 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी प्रकरण पर IDFC FIRST Bank ने बयान जारी कर कहा है कि संस्था ने संभावित वित्तीय प्रभाव का आकलन कर लिया है और 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
बैंक ने बताया कि जैसे ही अनियमितता की आशंका सामने आई, आंतरिक नियंत्रण तंत्र सक्रिय कर दिया गया। जोखिम प्रबंधन टीम ने संबंधित लेन-देन की समीक्षा की और आवश्यक प्रावधान बनाए।
प्रबंधन का कहना है कि बैंक की कुल संपत्ति और पूंजी आधार इतना मजबूत है कि इस घटना से दीर्घकालिक प्रभाव की संभावना नहीं है। साथ ही, ग्राहकों की जमा और सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र में समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते हैं, लेकिन मजबूत निगरानी व्यवस्था से नुकसान को सीमित किया जा सकता है। इस घटना ने वित्तीय संस्थानों में अनुपालन और आंतरिक नियंत्रण की अहमियत को फिर उजागर किया है।
बैंक ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने तक वह संबंधित एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेगा। निवेशक और ग्राहक दोनों ही आगे की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं।














