प्रधानमंत्री Narendra Modi के इज़राइल दौरे को द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है। वह इज़राइल की संसद Knesset में भाषण देंगे, जो भारत-इज़राइल संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
भारत और Israel के बीच रक्षा सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। इसके अलावा, जल प्रबंधन और कृषि नवाचार में इज़राइल की विशेषज्ञता का लाभ भारत उठा रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री का संबोधन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार आधारित विकास और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की साझी रणनीति पर केंद्रित हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि यह दौरा तकनीकी और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। संसद में संबोधन दोनों देशों के रिश्तों को दीर्घकालिक और व्यापक दिशा देने वाला कदम साबित हो सकता है।














