मेरठ रैपिड रेल सेवा ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया है। पहले पूर्ण संचालन दिवस पर 1 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर कर इसे बड़ी सफलता दिलाई। इससे साफ है कि लोग तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। डिजिटल टिकटिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन गेट और बेहतर सुरक्षा इंतजाम इसकी खासियत हैं। यात्रियों ने खास तौर पर समय की बचत और आरामदायक यात्रा को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, सड़क यातायात पर दबाव कम होने से पर्यावरण को भी फायदा होगा।
अगर यात्रियों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो मेरठ रैपिड रेल एनसीआर की लाइफलाइन बन सकती है। यह परियोजना आधुनिक भारत की परिवहन व्यवस्था का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।














