वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए हाई-प्रेशर मुकाबले में सूर्यकुमार यादव की यादगार पारी के पीछे मैदान के बाहर से मिला एक अहम संदेश भी छिपा था। मैच के दौरान मिले छोटे से ब्रेक में टीम के कोच गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार से बात की, जिसने आगे चलकर उनकी बल्लेबाजी की दिशा ही बदल दी।
बताया जा रहा है कि गंभीर ने सूर्यकुमार को गेंदबाजों की लेंथ और फील्ड प्लेसमेंट पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कवर्स और मिड-ऑफ के आसपास बने गैप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है और जल्दबाजी से बचते हुए अपने नैचुरल गेम पर भरोसा रखना चाहिए। इस बातचीत के बाद सूर्यकुमार का रवैया ज्यादा संयमित और नियंत्रित नजर आया।
ब्रेक के बाद मैदान पर उतरे सूर्यकुमार ने स्ट्राइक रोटेशन के साथ-साथ जोखिम भरे लेकिन सोच-समझकर खेले गए शॉट्स से रन बटोरना शुरू किया। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों, दोनों के खिलाफ संतुलन बनाए रखा और वानखेड़े की तेज आउटफील्ड का पूरा फायदा उठाया।
उनकी पारी ने न केवल रन गति को स्थिर किया, बल्कि टीम को दबाव की स्थिति से भी बाहर निकाला। दर्शकों ने देखा कि कैसे अनुभव और रणनीति के मेल से एक पारी मैच का रुख बदल सकती है। क्रिकेट जानकारों के अनुसार, यह प्रदर्शन सूर्यकुमार की परिपक्वता और कोचिंग स्टाफ की सूझबूझ का संयुक्त परिणाम था।
इस पारी के साथ सूर्यकुमार यादव ने यह साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी सिर्फ शॉट्स से नहीं, बल्कि परिस्थितियों को समझकर भी मैच जिताते हैं। वहीं, गौतम गंभीर की समय पर दी गई सलाह ने एक बार फिर दिखाया कि पर्दे के पीछे की रणनीति कितनी अहम भूमिका निभाती है।
read also:- अमेरिका के संकेतों के बीच भारत की ऊर्जा नीति पर संशय, रूसी तेल को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं














