मेघालय के एक सुदूर इलाके में चल रही कथित गैरकानूनी कोयला खदान में हुए विस्फोट ने एक बार फिर अवैध खनन के खतरों को उजागर कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 18 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब खदान के अंदर मजदूर रोज़मर्रा के काम में लगे हुए थे। अचानक हुए विस्फोट से खदान का हिस्सा ढह गया और कई लोग अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और लंबे समय तक बचाव अभियान चलाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खदान में सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि खदान के भीतर गैस जमा होने के कारण विस्फोट हुआ, जिसे समय रहते नहीं पहचाना जा सका। अवैध रूप से संचालित खदानों में इस तरह के खतरे आम माने जाते हैं।
राज्य सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने यह भी स्वीकार किया है कि क्षेत्र में अवैध कोयला खनन लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है।
इस हादसे के बाद श्रमिक सुरक्षा और अवैध खनन पर रोक को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों ने मांग की है कि ऐसे खतरनाक कार्यों पर सख्त निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Read also:- भारत-पाक रिश्तों पर फिर ट्रंप का बयान, शांति में अमेरिकी भूमिका का किया दावा















