April 22, 2026

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संकट से सफलता तक: एक साल में जम्मू-कश्मीर ने बदली विकास की तस्वीर

श्रीनगर, 22 अप्रैल 2026: पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने जम्मू-कश्मीर को झकझोर कर रख दिया था। कुछ समय के लिए पर्यटन, निवेश और स्थानीय कारोबार पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिला। लेकिन एक साल के भीतर ही केंद्र शासित प्रदेश ने जिस तेजी से वापसी की है, उसने विकास की एक नई मिसाल पेश की है। आज जम्मू-कश्मीर न केवल पर्यटन के क्षेत्र में फिर से मजबूती से खड़ा है, बल्कि स्टार्टअप और निवेश के मोर्चे पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

हमले के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से कई पर्यटन स्थलों को बंद करना पड़ा था, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को झटका लगा। होटल, ट्रैवल एजेंसियां और छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने हालात को जल्द संभालने के लिए कई कदम उठाए। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और पर्यटकों का विश्वास बहाल करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए।

इन प्रयासों का असर जल्द ही देखने को मिला। वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष से थोड़ा कम रहा, लेकिन फिर भी यह दर्शाता है कि लोगों का भरोसा घाटी पर कायम है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल उद्योग, परिवहन सेवाएं और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार को नई ऊर्जा मिली है।

पर्यटन के अलावा, जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप सेक्टर भी तेजी से उभर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यहां स्टार्टअप की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, सेवाएं और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नए-नए उद्यम शुरू हो रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें महिला उद्यमियों की भागीदारी भी बढ़ी है, जो सामाजिक सशक्तिकरण का संकेत है।

सरकार की स्टार्टअप नीति 2024-27 इस बदलाव का अहम आधार बनी है। इस नीति के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता, ट्रेनिंग, मेंटरशिप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिल रहे हैं, जिससे पलायन में भी कमी आ रही है।

निवेश के क्षेत्र में भी जम्मू-कश्मीर ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। बाहरी निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है।

विशेषज्ञों का मानना है that जम्मू-कश्मीर की यह प्रगति केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता का भी संकेत है। लोगों में अब भविष्य को लेकर अधिक विश्वास और उम्मीद नजर आ रही है।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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