सतना में एक आवारा कुत्ते के हमले ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। बुधवार को हुई इस घटना में करीब 40 लोग घायल हो गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, कुत्ते ने गहरा नाला से लेकर हॉस्पिटल चौक तक कई लोगों को निशाना बनाया और अचानक हमला कर दिया।
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी पीड़ितों को एंटी-रेबीज वैक्सीन दी जा रही है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने भी आपात स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की है, ताकि इलाज में किसी तरह की देरी न हो।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुत्ता अचानक आक्रामक हो गया और राह चलते लोगों पर झपटने लगा। कई लोग इस अप्रत्याशित हमले के कारण संभल भी नहीं पाए। स्थानीय निवासी राजेश मिश्रा ने बताया, “हमने पहले कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा। लोग इधर-उधर भाग रहे थे और कुत्ता लगातार हमला करता जा रहा था।”
घटना के बाद नगर निगम और प्रशासन की टीम हरकत में आ गई है। अधिकारियों ने बताया कि कुत्ते को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में भी आवारा कुत्तों की जांच और नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आवारा पशुओं की समस्या गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का समाधान केवल तत्काल कार्रवाई से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजना से संभव है। इसमें कुत्तों की नसबंदी, नियमित टीकाकरण और उनके लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था शामिल होनी चाहिए। इसके साथ ही, लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और अकेले सुनसान इलाकों में जाने से बचें। साथ ही, किसी भी कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराएं।














