अहमदाबाद, गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बार फिर सतर्कता दिखाते हुए संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। एजेंसी ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे देश विरोधी गतिविधियों के लिए लोगों को उकसाने और एक गुप्त नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को प्रभावित कर उन्हें कट्टर विचारधारा की ओर मोड़ने में लगे हुए थे।
ATS के बयान के मुताबिक, पिछले कुछ समय से इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान कुछ प्रोफाइल्स और डिजिटल चैनलों पर असामान्य गतिविधियां सामने आईं, जिनमें भड़काऊ संदेश और संदिग्ध संपर्कों के संकेत मिले। इन सुरागों के आधार पर एजेंसी ने जांच शुरू की और आखिरकार दो लोगों को हिरासत में लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी न केवल विचारधारा फैलाने का काम कर रहे थे, बल्कि एक संगठित नेटवर्क बनाने की दिशा में भी सक्रिय थे। उनका मकसद युवाओं को जोड़कर एक ऐसा समूह तैयार करना था, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता था। हालांकि, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस योजना को विफल कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की उम्र करीब 22 वर्ष बताई जा रही है और वह उत्तर गुजरात के एक इलाके का निवासी है। बताया जा रहा है कि वह इंटरनेट के जरिए कुछ कट्टरपंथी सामग्री से प्रभावित हुआ और धीरे-धीरे अन्य युवाओं को भी अपने संपर्क में लाने लगा। एजेंसियों को उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया का दुरुपयोग एक गंभीर चुनौती बन गया है। कई असामाजिक तत्व इसका इस्तेमाल युवाओं को गुमराह करने और उन्हें गलत रास्ते पर ले जाने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में तकनीकी निगरानी और जागरूकता दोनों ही जरूरी हैं।
इस मामले में ATS ने यह भी संकेत दिया है कि आरोपियों के कुछ और साथियों की तलाश की जा रही है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और किसी भी भड़काऊ या भ्रामक सामग्री से दूरी बनाए रखें।














