बिहार के बक्सर जिले में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर धमकी दी थी। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और साइबर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अमल कुमार तिवारी के रूप में हुई है, जो बक्सर के सिमरी क्षेत्र का रहने वाला है। उसे गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक विदेशी खुफिया एजेंसी की वेबसाइट पर संदेश भेजकर दावा किया था कि वह भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की सुरक्षा में सेंध लगा सकता है। इसके बदले उसने पैसे की मांग भी की थी।
इस सूचना के मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की पहचान की गई और उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी इंटरनेट पर अपनी पहचान छिपाने के लिए कई वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करता था। इसके अलावा उसके मोबाइल में कुछ ऐसे ऐप भी मिले हैं, जिनका उपयोग डार्क वेब तक पहुंचने के लिए किया जाता है। डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है, जहां गतिविधियां सामान्य तौर पर ट्रैक करना मुश्किल होता है और इसका इस्तेमाल अक्सर गैरकानूनी कामों के लिए किया जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए गहन जांच की जा रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया और उसका असली मकसद क्या था।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मामला बेहद संवेदनशील होता है और इस तरह की धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यह मामला यह भी दर्शाता है कि आज के डिजिटल युग में साइबर प्लेटफॉर्म के जरिए भी बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। ऐसे में आम लोगों को भी इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों को देनी चाहिए।















