भारत की आर्थिक नीतियों और वित्तीय सुधारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की कार्यशैली और उनकी आर्थिक नीतियों की सराहना की है। उन्होंने विशेष रूप से भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को प्रभावी बताया।
एक कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कार्नी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे करोड़ों लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। यह पहल आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ आम लोगों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में भी मददगार रही है।
भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। इनमें गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के खातों तक पहुंचाना शामिल है। इन पहलों के कारण बड़ी संख्या में लोग पहली बार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़े हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने तकनीक का उपयोग कर वित्तीय सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और आधार आधारित पहचान प्रणाली जैसे कदमों ने लेनदेन को अधिक पारदर्शी और तेज बनाया है।
कार्नी ने यह भी कहा कि भारत जैसे विशाल और विविध देश में इतनी बड़ी आबादी को वित्तीय प्रणाली से जोड़ना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है, खासकर उन देशों के लिए जो आर्थिक समावेशन की दिशा में काम कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक भूमिका को दर्शाती हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत तेजी से उभरती हुई आर्थिक ताकत के रूप में सामने आया है।















