नई दिल्ली: ‘पैक्स सिलिका’ घोषणा पर हस्ताक्षर के साथ भारत ने एआई और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग का संकेत दिया है। यह पहल उन चुनौतियों से निपटने की कोशिश है जो भविष्य की तकनीकी और ऊर्जा जरूरतों से जुड़ी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, लिथियम और रेयर अर्थ जैसे खनिज बैटरी, चिप निर्माण और रक्षा तकनीक के लिए बेहद जरूरी हैं। इस पहल के माध्यम से इन संसाधनों की आपूर्ति में विविधता और स्थिरता लाने का प्रयास किया जाएगा।
एआई के क्षेत्र में संयुक्त नवाचार, अनुसंधान केंद्रों की स्थापना और प्रतिभा विकास कार्यक्रमों पर काम हो सकता है। इससे भारत के युवाओं और टेक उद्योग को नए अवसर मिलेंगे।
नीतिगत स्तर पर भी सहयोग बढ़ेगा, जिससे डेटा सुरक्षा, साइबर संरचना और उन्नत विनिर्माण में मानकों का समन्वय संभव होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल भारत की वैश्विक तकनीकी भूमिका को और सशक्त बनाएगी।















