April 16, 2026

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बंगाल चुनाव से पहले AIMIM का यू-टर्न, हमायूं कबीर से दूरी बनाकर अकेले मैदान में उतरेगी पार्टी

पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से ठीक पहले बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Asaduddin Owaisi के नेतृत्व वाली All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने हमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन खत्म कर दिया है। इस फैसले ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और चुनावी समीकरणों पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।

AIMIM ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अब Humayun Kabir की Aam Janata Unnayan Party (AJUP) के साथ किसी भी तरह की साझेदारी जारी नहीं रखेगी। पार्टी का यह कदम उस समय आया है जब एक कथित स्टिंग वीडियो सामने आया, जिसमें कबीर को कथित रूप से भाजपा नेताओं के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए सुना गया। हालांकि, हमायूं कबीर ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए दावा किया है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए तैयार किया गया है।

AIMIM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पार्टी किसी भी ऐसे विवाद या बयान का हिस्सा नहीं बन सकती, जिससे खास तौर पर मुस्लिम समुदाय की छवि और भरोसे पर आंच आए। पार्टी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के मुसलमान पहले ही कई तरह की राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली किसी भी गतिविधि से दूरी बनाना जरूरी है।

इस घटनाक्रम के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में अपनी प्रस्तावित चुनावी रैलियों को भी रद्द कर दिया है। पहले उनकी योजना हमायूं कबीर के साथ संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार करने की थी, लेकिन अब पार्टी ने पूरी तरह से अलग रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। AIMIM ने साफ कर दिया है कि वह राज्य में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और खुद को एक अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश करेगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि AIMIM का यह फैसला पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में बड़ा बदलाव ला सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुस्लिम वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता है, वहां AIMIM का अकेले चुनाव लड़ना अन्य दलों के लिए चुनौती बन सकता है। इससे वोटों का बंटवारा भी हो सकता है, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।

वहीं, विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर AIMIM पर सवाल भी उठा सकते हैं और इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता सकते हैं। दूसरी ओर, AIMIM इस फैसले के जरिए अपनी साख को मजबूत करने और एक साफ-सुथरी छवि पेश करने की कोशिश में है।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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