May 24, 2026

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ब्रिटेन में नीरव मोदी को फिर झटका, भारत प्रत्यर्पण के रास्ते में नहीं मिली राहत

भगोड़े हीरा कारोबारी Nirav Modi के लिए ब्रिटेन से एक बार फिर निराशाजनक खबर सामने आई है। यूके की अदालत ने उनकी नई अपील को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है। अदालत ने भारत द्वारा दिए गए सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े आश्वासनों पर भरोसा जताया है।

नीरव मोदी पर Punjab National Bank से करीब 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। यह मामला देश के सबसे चर्चित बैंक घोटालों में शामिल है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए विदेशी बैंकों से कर्ज हासिल किया और बाद में उसे चुकाने से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो गए।

2019 में लंदन में Scotland Yard द्वारा गिरफ्तारी के बाद से नीरव मोदी यूके की जेल में बंद हैं। उन्होंने कई बार अदालत में यह दलील दी कि भारत में उन्हें उचित सुरक्षा नहीं मिलेगी और जेल की स्थिति उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। हालांकि, ब्रिटिश अदालतों ने इन तर्कों को बार-बार खारिज किया है।

ताजा सुनवाई में भी अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत एक सक्षम न्यायिक व्यवस्था वाला देश है, जहां आरोपी के अधिकारों की रक्षा की जाती है। अदालत ने कहा कि भारत सरकार ने नीरव मोदी के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और निष्पक्ष सुनवाई का भरोसा दिया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस फैसले के बाद नीरव मोदी के लिए कानूनी विकल्प लगभग समाप्त होते नजर आ रहे हैं। हालांकि उनके वकील अभी भी उच्च अदालत में अपील की संभावना तलाश सकते हैं, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अब उनके पास बहुत सीमित रास्ते बचे हैं। भारत सरकार लंबे समय से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है और इस फैसले को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

भारत में इस घोटाले की जांच कर रही एजेंसियां पहले ही नीरव मोदी और उनके सहयोगियों की कई संपत्तियां जब्त कर चुकी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई लगातार इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं को भी उजागर करने में जुटे हैं।

यह मामला केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की बैंकिंग व्यवस्था और वित्तीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा सबक भी बन गया है। सरकार ने इसके बाद कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के घोटालों को रोका जा सके।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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