May 13, 2026

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गैस संकट से जूझता मोरबी: सिरेमिक उद्योग पर गहराया आर्थिक संकट, निर्यात भी प्रभावित

गुजरात का मोरबी, जिसे भारत का सिरेमिक उद्योग का दिल माना जाता है, इन दिनों अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध के कारण गैस आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे यहां की अधिकांश फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। पिछले कुछ हफ्तों से उत्पादन ठप होने के कारण उद्योग जगत में चिंता का माहौल है।

मोरबी में हजारों की संख्या में छोटे और बड़े सिरेमिक यूनिट्स काम करते हैं, जो देश के टाइल्स और सैनिटरीवेयर उत्पादन का बड़ा हिस्सा तैयार करते हैं। यह उद्योग न केवल घरेलू मांग को पूरा करता है, बल्कि विदेशों में भी बड़े पैमाने पर निर्यात करता है। लेकिन मौजूदा हालात ने निर्यात पर भी गहरा असर डाला है। कई ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की साख पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

उद्योग से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि गैस की कमी के चलते उत्पादन पूरी तरह रुक गया है। सिरेमिक उत्पादों के निर्माण में लगातार उच्च तापमान की जरूरत होती है, जो केवल गैस आधारित भट्टियों से ही संभव है। गैस की आपूर्ति रुकने के कारण इन भट्टियों को चलाना संभव नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, गैस की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने भी उद्योग पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

इस संकट का असर केवल फैक्ट्री मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी भी इससे प्रभावित हो रही है। कई मजदूरों को अस्थायी रूप से काम से निकाल दिया गया है, जबकि कुछ को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया गया है। स्थानीय बाजारों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, जहां कारोबार धीमा पड़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं का नतीजा है। ईरान से जुड़े तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे भारत को मिलने वाली गैस की सप्लाई में कमी आई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, ऐसे में वैश्विक संकट का सीधा असर घरेलू उद्योगों पर पड़ना स्वाभाविक है।

इस बीच, सरकार और उद्योग संगठन मिलकर समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। वैकल्पिक ईंधन स्रोतों की खोज और गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन उपायों को लागू करने में समय लग सकता है, जिससे तत्काल राहत मिलना मुश्किल दिख रहा है।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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