चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देशभर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह होते ही मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हर तरफ “जय माता दी” के जयकारे गूंजते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की।
देश के प्रमुख शक्तिपीठों में भारी भीड़ दर्ज की गई। Vaishno Devi Temple में सुबह से ही दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंच गए। वहीं Kalighat Temple और Kamakhya Temple में भी विशेष पूजा और अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे उनकी भव्यता और बढ़ गई।
नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। लोगों ने अपने घरों में कलश स्थापित कर नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत की। कई भक्तों ने व्रत रखा और सात्विक भोजन ग्रहण करने का संकल्प लिया। घर-घर में देवी भजन और आरती का आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी पवित्र हो गया।
प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिरों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर मेडिकल टीम और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि नवरात्रि का पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का भी संदेश देता है। कुल मिलाकर, पहले दिन देशभर में उत्साह और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।















