ओडिशा के कटक स्थित SCB Medical College and Hospital में लगी भीषण आग ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हालांकि इस त्रासदी के बीच अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों की तत्परता ने कई जिंदगियां भी बचा लीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अस्पताल के एक वार्ड से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया। वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में घबराहट फैल गई। स्थिति को देखते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।
डॉक्टरों और नर्सों ने कई गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के जरिए दूसरे वार्डों में पहुंचाया। कई मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। इस दौरान अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य जारी रखा।
घटना की जानकारी मिलते ही Odisha Fire and Emergency Services की कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के साथ-साथ अस्पताल में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम भी किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
ओडिशा सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
इस हादसे के बाद स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े अस्पतालों में नियमित फायर ड्रिल और सुरक्षा जांच बेहद जरूरी है।















