पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता का असर अब दक्षिण एशिया के देशों पर भी दिखने लगा है। इसी बीच भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश की मदद करते हुए डीज़ल की आपूर्ति शुरू की है, जिससे वहां पैदा हुए ईंधन संकट को कम करने में सहायता मिल रही है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति में बाधा आने से कई देशों को ईंधन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बांग्लादेश भी उन देशों में शामिल है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करते हैं। ऐसे में अचानक आपूर्ति प्रभावित होने से वहां डीज़ल की कमी महसूस की जाने लगी।
भारत और बांग्लादेश के बीच पहले से मौजूद ऊर्जा सहयोग समझौते के तहत भारत ने डीज़ल भेजकर तात्कालिक राहत देने की पहल की है। पाइपलाइन और अन्य माध्यमों से की जा रही यह आपूर्ति बांग्लादेश के ऊर्जा भंडार को स्थिर रखने में मदद कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का सहयोग दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करता है। भारत पहले भी कई मौकों पर अपने पड़ोसी देशों को ऊर्जा और अन्य आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति करता रहा है।
भविष्य में दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की योजना बना सकते हैं। इसमें बिजली व्यापार, पाइपलाइन नेटवर्क और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल हो सकती हैं।















