हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की माता को लेकर हुई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद देश के कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने प्रतिक्रिया दी है। इस मामले पर संत समाज की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रमुख संत Swami Avimukteshwaranand ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की माता या परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भारत की परंपरा में माता को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। चाहे व्यक्ति किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से जुड़ा हो, उसकी मां का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मतभेद और विचारों की बहस लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर किसी के परिवार को निशाना बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा न दें और आपसी सम्मान बनाए रखें। उनके अनुसार, समाज में शांति और सौहार्द तभी कायम रह सकता है जब लोग अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखें।
इस मुद्दे को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के बयान का असर व्यापक स्तर पर पड़ता है, इसलिए उन्हें अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के कारण छोटी-सी बात भी तेजी से फैल जाती है और विवाद का रूप ले सकती है। इसलिए नेताओं, धार्मिक व्यक्तियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अधिक जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।















