कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक संवेदनशील मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में रविवार सुबह एजेंसी ने शहर के बालीगंज इलाके में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अधिकारी अपने घर पर मौजूद थे, और सुबह करीब 7 बजे ईडी की टीम वहां पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला दक्षिण कोलकाता में सक्रिय एक कथित सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, जिस पर अवैध पैसों के लेन-देन और प्रभाव का आरोप है। ईडी की टीम इस नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है, जिसमें कई लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। इसी सिलसिले में पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी के आवास की तलाशी ली गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और अन्य जरूरी सामग्रियों की गहन जांच की। बताया जा रहा है कि कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा एजेंसी के हाथ लगे हैं, जिनका अब विश्लेषण किया जाएगा। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अवैध धन का स्रोत क्या था और इसे किन-किन माध्यमों से उपयोग में लाया गया।
ईडी की कार्रवाई सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं रही। दक्षिण कोलकाता के बेहाला इलाके में एक व्यवसायी के घर पर भी एक साथ छापा मारा गया। इस समन्वित कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि एजेंसी इस पूरे मामले को बड़े स्तर पर देख रही है और इसमें जुड़े हर पहलू को खंगालना चाहती है।
इस केस में “सोना पप्पू” नाम से चर्चित एक व्यक्ति को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कई बार सार्वजनिक रूप से नजर आ चुका है और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहा है, जिससे उसकी गिरफ्तारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियां अब उसके ठिकानों और संपर्कों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, जिस पुलिस अधिकारी के घर पर छापा पड़ा है, वे पहले शहर के एक प्रमुख थाने में महत्वपूर्ण पद पर तैनात रह चुके हैं। इस वजह से यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि, अभी तक उनके खिलाफ किसी प्रकार की औपचारिक गिरफ्तारी या आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले भी इसी मामले में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से पूछताछ की जा चुकी है, जिससे साफ है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ईडी अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग के इस कथित मामले का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।














