April 16, 2026

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महिला आरक्षण संशोधन पर सियासी घमासान, पीएम मोदी ने मांगा सर्वदलीय समर्थन

नई दिल्ली में संसद के विस्तारित बजट सत्र से पहले महिला आरक्षण कानून को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 में प्रस्तावित संशोधनों को “एक स्वर” में पारित करने की अपील की है। उन्होंने इसे देश की महिलाओं के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी दलों से सहयोग की उम्मीद जताई है।

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संसद को इस मुद्दे पर एकजुटता दिखानी चाहिए, ताकि समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया जा सके। पीएम मोदी के अनुसार, यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सरकार की योजना है कि बजट सत्र के विस्तारित चरण में महिला आरक्षण कानून में आवश्यक संशोधन लाकर इसे लागू करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। गौरतलब है कि यह कानून संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुछ संवैधानिक और प्रशासनिक बदलाव जरूरी माने जा रहे हैं।

वहीं, इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में कई अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के महत्वपूर्ण कानून को लाने से पहले व्यापक चर्चा करनी चाहिए थी। खड़गे ने यह भी कहा कि इस कानून का प्रभाव देश के संघीय ढांचे पर पड़ सकता है, इसलिए राज्यों से परामर्श लेना बेहद जरूरी था।

खड़गे ने सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह कई बार महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त बहस के पारित कराने की कोशिश करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है, लेकिन प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी होनी चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर सरकार इसे ऐतिहासिक अवसर बता रही है, वहीं विपक्ष प्रक्रिया और समय को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस मुद्दे पर सर्वदलीय सहमति बनती है, तो यह भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। इसे लागू करने के कई प्रयास पहले भी किए गए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह आगे नहीं बढ़ पाया। ऐसे में मौजूदा सरकार की कोशिश है कि इस बार सभी दलों के सहयोग से इसे अंतिम रूप दिया जाए।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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