एक दुखद घटना में मरीन इंजीनियरिंग के एक कैडेट की जान चली गई, जब फिटनेस अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल का पोल अचानक गिर पड़ा। यह हादसा उस समय हुआ जब कैडेट नियमित शारीरिक प्रशिक्षण के तहत पुल-अप्स कर रहा था। घटना ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कैडेट अपने साथियों के साथ खेल परिसर में मौजूद था और रोजाना की तरह फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा ले रहा था। इसी दौरान उसने बास्केटबॉल पोल का सहारा लेकर पुल-अप्स करना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पोल कुछ देर तक अस्थिर नजर आया और फिर अचानक अपनी जगह से निकलकर नीचे गिर गया। भारी संरचना के नीचे दबने से कैडेट को गंभीर चोटें आईं।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य कैडेट्स और स्टाफ ने उसे बाहर निकाला और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई। इस खबर के सामने आने के बाद पूरे संस्थान में शोक की लहर दौड़ गई और सभी छात्र-शिक्षक स्तब्ध रह गए।
घटना के बाद संस्थान प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि बास्केटबॉल पोल की स्थिति पहले से ही खराब थी या उसकी नियमित जांच नहीं की गई थी। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रों ने इस हादसे को लेकर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि खेल परिसर में कई उपकरण पुराने और जर्जर हैं, जिनकी समय-समय पर मरम्मत नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी फिटनेस और खेल उपकरणों की व्यापक जांच कराई जाए और जो भी असुरक्षित हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रशिक्षण संस्थान में सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विशेष रूप से भारी उपकरणों और संरचनाओं की नियमित जांच अनिवार्य है। छोटे-छोटे संकेत, जैसे ढीलापन या जंग लगना, बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं यदि उन्हें नजरअंदाज किया जाए।
संस्थान प्रशासन ने मृतक कैडेट के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, पूरे परिसर का सेफ्टी ऑडिट कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।















