May 13, 2026

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खाड़ी में तनाव के बीच पीएम मोदी की पहल, समुद्री रास्तों की आज़ादी पर जोर

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ यानी समुद्री मार्गों की आज़ादी और सुरक्षा को बेहद जरूरी बताया।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।

समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर भारत की चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन खुली और सुरक्षित रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों में किसी भी तरह की रुकावट न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करती है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन पर भी गंभीर असर डालती है।

भारत के लिए यह मुद्दा खास तौर पर अहम है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आयात करता है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा

पीएम मोदी ने क्षेत्र में ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों पर हो रहे हमलों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल मानवीय संकट पैदा करती हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी अस्थिर करती हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे समय में सभी देशों को संयम बरतना चाहिए और टकराव की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

शांति और कूटनीति पर जोर

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने कहा कि संवाद और कूटनीति ही इस संकट का स्थायी समाधान है

यह भी माना जा रहा है कि भारत इस पूरे संकट में संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है, ताकि अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों की रक्षा की जा सके।

क्यों अहम है ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’?

खाड़ी क्षेत्र, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

इसी वजह से भारत सहित कई देश लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि समुद्री मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।

Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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