भारत और फ्रांस के बीच प्रस्तावित फाइटर जेट सौदे को लेकर चर्चाएं उस समय और तेज हो गईं, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इस सौदे के तहत अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की खरीद पर विचार किया जा रहा है। इससे न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग भी नई ऊंचाई पर पहुंचेगा। इससे पहले भी भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र में भरोसेमंद साझेदारी रही है।
बैठक में वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और उभरती तकनीकों का उपयोग शामिल है। दोनों नेताओं ने यह दोहराया कि बदलते वैश्विक हालात में मजबूत साझेदारी समय की जरूरत है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संभावित डील भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूत करेगी और फ्रांस के साथ रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाएगी। हालांकि, सौदे को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार अब भी बना हुआ है।
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