February 5, 2026

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विमान सुरक्षा पर सवाल: अजित पवार से जुड़े चार्टर प्लेन में समय पर नहीं लग पाया सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम

विमान सुरक्षा को लेकर नई जानकारी सामने आई

अजित पवार से जुड़े एक चार्टर विमान को लेकर विमानन सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विमान में आधुनिक सैटेलाइट आधारित सुरक्षा और ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाना था, लेकिन यह अपग्रेड तय समय से लगभग 28 दिन पहले लागू नहीं हो सका। इस वजह से विमान नवीनतम तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था से वंचित रह गया।

क्या होता है सैटेलाइट सेफ्टी और ट्रैकिंग सिस्टम

सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम विमान की रियल-टाइम लोकेशन की जानकारी देता है। किसी भी आपात स्थिति में यह सिस्टम खोज और बचाव कार्य को तेज करने में मदद करता है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इसे उड़ान सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक माना जाता है।

चार्टर विमानों में चरणबद्ध रूप से लागू हो रही तकनीक

विमानन नियमों के अनुसार, निजी और चार्टर विमानों में सैटेलाइट सेफ्टी गियर को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य किया जा रहा है। अजित पवार से जुड़े विमान को भी इस सूची में शामिल किया गया था, लेकिन समयसीमा से कुछ ही दिन पहले यह तकनीक इंस्टॉल नहीं हो पाई।

नियमों के तहत वैध था विमान का संचालन

सूत्रों के मुताबिक, जिस अवधि में विमान संचालित हो रहा था, उस समय वह मौजूदा विमानन नियमों के अनुरूप पूरी तरह वैध था। किसी भी अनिवार्य सुरक्षा मानक का उल्लंघन नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा अपग्रेड में हुई देरी अब चर्चा का विषय बन गई है।

विमानन विशेषज्ञों की राय

विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सैटेलाइट आधारित सुरक्षा प्रणाली आज के समय में बेहद जरूरी हो चुकी है। इससे न केवल उड़ानों की निगरानी बेहतर होती है, बल्कि दुर्घटना या तकनीकी खराबी की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होती है।

भविष्य में सख्त हो सकते हैं सुरक्षा नियम

इस मामले के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय निजी और चार्टर विमानों के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा तकनीकों को समय से पहले लागू करना जरूरी है।

निष्कर्ष

अजित पवार से जुड़े विमान का यह मामला यह दर्शाता है कि विमानन सुरक्षा में थोड़ी सी देरी भी बड़े सवाल खड़े कर सकती है। आने वाले समय में सैटेलाइट ट्रैकिंग जैसे सिस्टम को समय पर लागू करना उड़ान सुरक्षा के लिए अहम साबित हो सकता है।

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Hind News 24x7
Author: Hind News 24x7

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